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अलग-अलग राज्यों से आए कवियों ने हंसी ठिठोली के साथ बांधी समा
सुशील रामदास ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि रायगढ़ प्रदेश में सबसे अधिक राजस्व देने वाला जिला है, फिर भी इस जिले की अधोसंरचना के विकास पर अपेक्षाकृत बहुत कम राशि खर्च की जाती थी। सड़कों के वर्तमान जर्जर स्थिति का उन्होंने उल्लेख करते हुए उन्होंने आशा प्रकट की कि मंत्री ओ.पी. चौधरी के आने से अब सड़कों की स्थिति ठीक हो जाएगी। क्योंकि वे रायगढ़ के विधायक हैं और यहां की जनता को उनसे बहुत अधिक आशाएं हैं। आगे उन्होंने व्यापारी बंधुओं के सेवा की संकल्प को दोहराया और कहा कि चेम्बर एक्शन कमेटी के उर्जावान 45 सदस्य सेवा के लिए हमेश तत्पर रहते हैं, जिसका उदाहरण इस कार्यक्रम की भव्यता और सफलता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा चेम्बर का हर कार्यक्रम व किए जाने वाले कार्य चेम्बर एक्शन कमेटी के उर्जावान 45 सदस्य के योगदान से सफल होता है।
राजेश वासवानी ने सभा को संबोधित करते हुए रायगढ़ के व्यापारी बंधुओं की एकता की प्रशंसा की और प्रदेश चेम्बर के पूर्व कार्यकाल व वर्तमान कार्यकाल पर आधारित अपने विचार प्रकट किए।
योगेश अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ चेम्बर द्वारा किए गए कार्य प्रदेश में उत्कृष्टतम् हैं। आगे उन्होंने कहा कि रायगढ़ से हमारा आत्मीय जुड़ाव है, मेरी जब भी आवश्यकता होगी, तब आप सभी के याद करने पर मुझे अपने बीच उपस्थित पाओगे।
उमेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में प्रदेश के भाजपा सरकार के नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सरकार सभी वर्ग के उत्थान पर कार्य कर रही है। समाज के हर वर्ग को यथोचित सम्मान व उनके उत्थान के लिए प्रयास करना ही हमारे सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
नगर सहित जिले के विभिन्न स्थानों से आए गणमान्य जन व मातृशक्ति एवं बच्चों ने कार्यक्रम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। क्योंकि होली मिलन समारोह के पश्चात् कवि सम्मेलन आयोजित था, जिसमें योगेन्द्र शर्मा (राजस्थान), डॉ. सुरेन्द्र दुबे (छत्तीसगढ़), पद्मिनी शर्मा (नई दिल्ली), सुदीप भोला (मध्य प्रदेश), कनवर लाल (गुजरात), दमदार बनारसी (उत्तर प्रदेश) व स्थानीय कवि द्वय रामगोपाल शुक्ल एवं अमित शर्मा आदि ने मंत्र मुग्ध कर देने वाली काव्य पाठ की। इस कार्यक्रम की उपलब्धि यह रही की कवि सम्मेलन के अंत तक स्व प्रेरित श्रोता बंधुगण कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के बीच-बीच में भक्ति मय माहौल बनता दिखा। वहीं डॉ. सुरेन्द्र दुबे ने व्यापारी बंधुओं के महता को रेखांकित करते हुए कहा कि व्यापार किसी भी देश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी होती है। वहीं मिमिकरी कलाकार कनवर लाल (गुजरात) की श्रोताओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसके अतिरिक्त पद्मिनी शर्मा (नई दिल्ली) के श्रृंगार रस पर आधारित कविताओं को लोगों ने बहुत पसंद किया। वहीं सुदीप भोला (जबलपुर) ने मोबाइल के दूषप्रभाव पर आधारित एक हृदय स्पर्शी लधु कथा का वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि एक मोबाइल के कारण एक नाबालिग बच्ची किस तरह प्रेम जाल में फंस कर, अंततः नहर किनारे सुटकेश में पाई गयी। इस लधु कथा का करुण अंत सुनकर अधिकांश श्रोताओं की आंखें भर आयीं। वहीं योगन्द्र शर्मा के वीर रस की कविताओं ने राम मय माहौल बना दिया।