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पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों का इस्तेमाल मनमाने व्यापार प्रतिबंधों को उचित ठहराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन होने के बावजूद भारत पर्यावरण को बचाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रहा है।
पर्यावरण को लेकर ओम बिरला ने दी चेतावनी
रूस में 10वें ब्रिक्स संसदीय मंच के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने आगाह किया कि पर्यावरण संबंधी कार्रवाईयों के रूप में उचित ठहराए जाने वाले एकतरफा उपायों से व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही विश्व व्यापार संगठन के नियमों और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि भारत सीमित संसाधनों के बावजूद पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाता रहा है।
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के वादे के अनुसार, भारत ने उत्सर्जन तीव्रता को कम करने, गैर-जीवाश्म ईंधन बिजली क्षमता बढ़ाने जैसे लक्ष्यों को पार कर लिया है। जलवायु संबंधी मुद्दों को यूएनएफसीसीसी ढांचे के भीतर हल किया जाना चाहिए। वैश्विक निकायों में सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने के लिए वैश्विक निकायों में सुधार आवश्यक है।