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नई दिल्ली | छात्रों से जुड़े मुद्दों और हालिया आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को पार्टी सांसदों के साथ विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से छात्रों के मुद्दों पर जवाब मांगा। प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों और छात्रों की चिंताओं पर केंद्र सरकार पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रही है। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता और शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े मुद्दे करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन सवालों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

संविधान और शांतिपूर्ण विरोध का किया जिक्र
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल अधिकार है। उन्होंने संविधान के प्रति जवाबदेही का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।

विपक्ष ने छात्रों के मुद्दों पर एकजुटता दिखाई
कांग्रेस के अलावा विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भी छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है।
सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार
कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और उठाई गई मांगों पर केंद्र सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बने रह सकते हैं।