अपनी पसंद की खबर खोजें
रायपुर | छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। CBI की जांच के बाद अब ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच करेगी। इसी कड़ी में ED ने जेल में बंद CGPSC के पूर्व चेयरमैन और रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार करने की अनुमति के लिए रायपुर की स्पेशल कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया है।
इस आवेदन पर आज सुनवाई होनी है। यदि कोर्ट अनुमति देता है, तो ED टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी। एजेंसी भर्ती प्रक्रिया में कथित पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच करेगी।
इससे पहले CBI भी इस मामले में कार्रवाई कर चुकी है। CBI ने टामन सिंह सोनवानी के साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया था। CBI का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत कई पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, CGPSC 2019 से 2022 के बीच हुई भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोप हैं। आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन के कार्यकाल में उनके रिश्तेदारों सहित कई नेताओं और अधिकारियों के परिजनों को नियमों के विपरीत नौकरी दिलाई गई। मामले की जांच पहले से CBI और EOW कर रही है, जबकि अब ED वित्तीय लेन-देन की परतें खंगालने में जुट गई है।