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नई दिल्ली । NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा पत्र जारी करते हुए इसकी जानकारी दी। पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था।
आंदोलनकारियों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया है। आंदोलन से जुड़े दीपके ने कहा कि यदि जनता बिना डरे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाए, तो जवाबदेही तय कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा लोकतंत्र की ताकत का प्रमाण है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे अपनी जीत बताया। पार्टी पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कई दिनों तक भूख हड़ताल की थी।
इधर, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी NEET पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। एजेंसी ने कहा है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। सरकार ने NTA की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार और तकनीकी बदलाव करने की बात कही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में जांच जारी है और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए सख्त कानून और नई तकनीकी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।