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बेमेतरा | छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के चंदनू थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 50 वर्षीय महिला की कथित तौर पर पहले यौन उत्पीड़न की कोशिश की गई। विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद आरोपी ने शव के साथ यौन कृत्य किया और पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर शिवनाथ नदी में फेंक दिए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, महिला 7 जुलाई को लापता हुई थी। परिजनों की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की गई। 9 जुलाई को महिला के बेटे को अमरैया नाला और शिवनाथ नदी किनारे साड़ी में बंधी गठरियां मिलीं। इनमें महिला के शरीर के अलग-अलग हिस्से बरामद हुए, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस का दावा: आरोपी ने कबूला जुर्म
एसपी त्रिलोक बंसल के अनुसार, जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और पूछताछ के आधार पर गांव के ही रामप्रसाद सोनवानी (42) पर संदेह हुआ। हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपराध स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी 6 जुलाई की रात महिला के घर पहुंचा था। महिला के विरोध करने पर उसने कथित रूप से फावड़े के बेंत से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को क्षत-विक्षत कर अलग-अलग गठरियों में बांधकर नदी किनारे फेंक दिया।
ड्रोन, नाव और फोरेंसिक टीम की मदद से हुई जांच
इस जघन्य मामले की जांच के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरा, नाव, सर्च लाइट, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम की मदद ली। घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किए जाने का दावा किए गए औजार भी बरामद किए हैं।
पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली वर्ष 2017 में भी एक महिला की हत्या के मामले में सजा काट चुका है। उसके खिलाफ पहले भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।
नेक्रोफिलिया क्या है?
पुलिस के दावे के अनुसार, आरोपी ने शव के साथ भी यौन कृत्य किया। मृत शरीर के प्रति यौन आकर्षण या उससे यौन कृत्य करने की प्रवृत्ति को नेक्रोफिलिया (Necrophilia) कहा जाता है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे एक अत्यंत दुर्लभ और गंभीर मानसिक विकार की श्रेणी में रखते हैं। हालांकि, किसी आरोपी की मानसिक स्थिति के बारे में अंतिम निष्कर्ष केवल विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।