अपनी पसंद की खबर खोजें
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के स्मृति नगर थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी ही 7 साल की मासूम बेटी के साथ रेप किया। इतना ही नहीं, पुलिस विभाग में तैनात आरोपी के अपने भाई (एएसआई) ने पहली बार मामले को पारिवारिक विवाद बताकर दबा दिया था। दूसरी बार वारदात होने पर पीड़िता की मां ने खुद आगे आकर एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मार्च में हुई थी पहली घटना
जानकारी के अनुसार, आरोपी पिता ने मार्च महीने में पहली बार बेटी के साथ कुकृत्य किया था। डरी-सहमी बच्ची ने तुरंत यह बात अपनी मां को बताई। यह सुनकर मां सन्न रह गई और उसने सबसे पहले अपने देवर, जो पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात है, को इसकी जानकारी दी।
पुलिसकर्मी चाचा ने ड्यूटी की जगह परिवार को चुना
मां को उम्मीद थी कि वर्दी में होने के नाते उसका देवर सही कदम उठाएगा, लेकिन एएसआई ने परिवार की बदनामी का हवाला देकर मामला दबाने की कोशिश की। उसने भाभी को भरोसा दिलाया कि वह अपने भाई को समझाएगा, उससे माफी मंगवाएगा और उसे परिवार से दूर भेज देगा। भाभी उसकी बातों में आ गई और उस वक्त शिकायत दर्ज नहीं कराई। लेकिन आरोपी पिता घर से कहीं दूर नहीं गया।
जुलाई में दोबारा हुई वारदात, मां ने तोड़ी चुप्पी
पुलिसकर्मी चाचा की ढील का फायदा उठाते हुए आरोपी के हौसले बढ़ गए और जुलाई महीने में उसने दोबारा बेटी के साथ रेप किया। इस बार मां ने चुप न रहने का फैसला किया और तुरंत बेटी को लेकर शिकायत दर्ज कराने निकल पड़ी।
थाना क्षेत्र को लेकर हुई परेशानी
पीड़ित मां पहले दुर्ग थाने पहुंची, जहां पुलिस ने बताया कि घटनास्थल स्मृति नगर थाना क्षेत्र में आता है। इसके बाद मां बेटी को लेकर स्मृति नगर थाने पहुंची और आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
सदमे में मासूम, पिता को देखते ही रोने लगती थी
घटना का बच्ची के मन पर गहरा असर पड़ा है। आरोपी पिता के सामने आते ही वह डर के मारे मां से लिपट जाती और जोर-जोर से रोने लगती थी। बच्ची फिलहाल गहरे सदमे में है।
भाइयों में थी अनबन, फिर भी मां ने जताया भरोसा
बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के परिवारों के बीच काफी समय से बातचीत बंद थी। बावजूद इसके, मार्च में जब पहली घटना हुई तो पीड़िता की मां ने पुरानी बातें भुलाकर देवर पर भरोसा जताया था, लेकिन देवर ने कानून का साथ देने के बजाय आरोपी भाई का पक्ष लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिसकर्मी चाचा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।